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Tuesday, September 16, 2014

Well Done Deepika, किसी को तो आवाज उठाना ही था...

अभिनेत्री दीपिका पादुकोण ने अपनी एक तस्वीर को गलत एंगल से छापने को लेकर एक अंग्रेजी के प्रतिष्ठित अखबार पर अपना गुस्सा जाहिर किया है. गुस्से का कारण यह है कि अंग्रेजी अखबार ने अपनी वेबसाइट पर दीपिका पादुकोण की एक साल पुरानी वीडियो पोस्ट करके और लिखा- 'OMG! दीपिका का क्लीवजे शो! जवाब में दीपिका ने लिखा- मैं औरत हूं, मेरा ब्रेस्ट और क्लीवेज है आपको कोई प्रॉब्लम?
पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया पर यह हॉट टॉपिक बना हुआ है. कुछ लोग दीपिका के इस कदम का सराह रहे हैं तो कुछ को इसमें पब्लिसिटी स्टंट नजर आ रही है. दीपिका के इस ट्वीट के बाद कई तरह के रिएक्शन देखने को मिल रहे हैं. कोई सपोर्ट कर रहा है तो कोई आलोचना. कई तरह के सवाल खड़े किए जा रहे हैं?

ऐसी खबर छापने वाला यह कोई इकलौता अखबार नहीं है. यह दुर्भाग्य ही है कि ऐसी खबरें आपको आए दिन देखने और पढ़ने को मिल ही जाती हैं. लेकिन कोई भी स्टार इसका विरोध करने की हिम्मत नहीं जुटा पाता. क्योंकि कोई भी स्टार मीडिया के साथ पंगा नहीं लेना चाहता. मीडिया साइडलाइन कर दे तो पॉपुलिरिटी कैसे मिलेगी, फिल्मों का प्रमोशन कैसे होगा? प्रमोशन नहीं हुआ तो फिल्म हिट कैसे होगी? बात इतनी सी है कि मीडिया का विरोध करके कोई अपनी लोकप्रियता नहीं खोना चाहता. इन सब की परवाह ना करते हुए अगर कोई विरोध का स्वर ऊंचा करें तो हमें उसे गंभीरता से लेना चाहिए.


एक लीडिंग डेली द्वारा ऐसी भाषा का इस्तेमाल शर्मनाक है. लेकिन हद तो तब हो गई जब गलती मानने के बजाय इस संस्था ने एक ट्विट करके सफाई दी, "दीपिका, हम तो आपकी तारीफ कर रहे हैं. आप बेहद खूबसूरत हैं और हम चाहते हैं कि हर किसी को इस बात का पता चले." भला कोई प्रशंसा भी इस तरह करता है जिससे किसी के आत्मसम्मान को चोट पहुंचे. इसे वाजिब ठहराना तो और भी शर्मनाक है.


जो लोग भी इसे पब्लिसिटी स्टंट बता रहे हैं शायद उन्हें भी यह बात पता है हो कि एक सेलिब्रिटी और मीडिया का चोली-दामन का साथ होता है. एक के बिना दूसरा अधूरा है. दीपिका के इस रिएक्शन के बाद उस अखबार की जितनी किरकिरी हुई है ऐसा शायद ही किसी के साथ हुआ हो. दीपिका या कोई भी फिल्मी हस्ती स्टंट के लिए एक बड़े अखबार के साथ ऐसा रिस्क कभी नहीं लेगा. पब्लिसिटी स्टंट करने के और भी कई रास्ते हैं लेकिन जिस अभिनेत्री ने यह विरोध जताया है कि वह कोई मामूली एक्ट्रेस नहीं बल्कि एक प्रतिष्ठित खिलाडी की बेटी और बॉलीवुड सुपरस्टार है. दीपिका को पब्लिसिटी के लिए कुछ भी करने की जरूरत नहीं है.


किसी ना किसी को आवाज तो उठानी ही थी तो दीपिका क्यों नहीं? दीपिका का उन्हें उलटे मुंह यह जवाब बिल्कुल सही था कि वैसे तो आप महिलाओं के सशक्तिकरण की बात करते हैं और दूसरी तरफ इस तरह ऑब्जेक्ट बनाकर गलत तरीके से लोगों के बीच पेश करते हैं.


दीपिका के आवाज उठाते ही पूरा बॉलीवुड उनके साथ हो गया. होता भी क्यों ना, ऐसा सिर्फ दीपिका के साथ तो नहीं हो रहा. आजकल मीडिया की भाषा और कंटेंट का स्तर गिरता जा रहा है. अक्सर ही हमें उप्स मोमेंट और इसी तरह की कई और सामग्री दिखने को मिलती ही रहती है. बिक्री बढ़ाने के लिए ऐसी खबरें कई छोटे-मोटे मैगजीन और न्यूज़पेपर छापते रहते हैं. लेकिन जब बात देश के एक लीडिंग न्यूज़पेपर की हो तो हम इसे कतई स्वीकार नहीं कर सकते हैं. वैसे तो आप खुद को लोकतंत्र का चौथा हिस्सा बताते हुए सारी जिम्मेदारी अपने कंधो उठा लेते हैं लेकिन जब आप ऐसी खबर छाप रहे होते हैं तो आप इतनी बड़ी जिम्मेदारी कैसे भूल सकते हैं.


एक हकीकत यह भी है कि जब बात महिलाओं के सम्मान की होती है तो मीडिया बात करने को लेकर सबसे आगे होती है. खासकर यहां काम करने वाले लोग भी जब टीवी पर बैठकर बहस करते हैं तो लगता है कि महिलाओं की इज्जत उनसे ज्यादा कोई नहीं करता. लेकिन हकीकत तो कुछ और ही है. ये लोग तो अपने ही साथ काम करने वाली महिला सहकर्मियों की इज्जत करना नहीं जानते. हमेशा इस फिराक में रहते हैं कि कब मौक मिले और यह जता दें कि महिलाएं उनकी बराबरी नहीं कर सकती. खैर!


मीडिया की इस किरकिरी के बाद इस घटना को समझने और उस पर अमल करने की जरूरत है ना कि सिर्फ सहमति और असहमति दिखाकर निकल जाने की. जिस इंटरनेट के माध्यम से मीडिया अपनी खबरें ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने की कोशिश करता है आज वही ऐसा प्लेटफार्म बन गया है जहां आपको बहुत ही समझदारी से काम लेना होगा. नहीं तो, जो विश्वसनीयता बनाने में सालों लग गए उसे खराब करने के लिए कुछ ही पल काफी हैं. इसका उदाहरण आपके सामने है. मीडिया का काम सेलिब्रिटी के बारे में खबरें दिखाना जरूर है लेकिन उसके आत्म सम्मान को ठेस पहुंचाकर अश्लील सामग्री पेश करना नहीं. दीपिका ने यह कदम उठाकर सराहनीय काम किया है. एक एक्टर होने से पहले आप एक इंसान हैं. खुद के लिए आवाज उठाना आपका हक है और ये आपसे कोई नहीं छीन सकता.

Tuesday, January 21, 2014

सोशल मीडिया के यूजर्स के लिए एक सीख दे गई हैं सुनंदा पुष्कर..


कुछ बातें होती है जिनमें लोग हमेशा दिलचस्पी दिखाते हैं. उन्हीं में से एक है एक्सट्रा मैरिटल अफेयर. बात चाहे किसी आम आदमी का एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर हो या फिर किसी सेलिब्रिटी का ...लोग मजे भी लेते हैं और बड़े चाव से जानने की कोशिश में लगे रहते हैं.

ऐसा ही कुछ तब हुआ जब केंद्रीय मंत्री  शशि थरूर का ट्विटर अकाउंट हैक हो गया. थरूर के अकाउंट से कुछ ऐसे ट्वीट पढ़ने को मिले जिससे ऐसा लगा कि पाकिस्तानी पत्रकार मेहर तरार और थरूर के बीच 'कुछ' चल रहा है. सब लोग ट्विटर पर मजे ले रहे थे. लेते भी क्यों नहीं..


शशि थरूर सोशल मीडिया पर अपने विचारों को बेबाकी से रखने के लिए लोकप्रिय हैं और उनकी फैन फॉलोविंग भी अच्छी खासी है. अगर आपको याद हो तो जब सुनंदा पुष्कर से उनके अफेयर की खबरें आई थीं तो लोगों ने अपनी दिलचस्पी खूब दिखाई थी. सुनंदा के चक्कर में तो थरूर ने केंद्रीय मंत्री का पद भी छोड़ना पड़ा था. इस पर चुटकी लेते हुए नरेंद्र मोदी ने भी कहा था कि थरूर के लिए सुनंदा 50 करोड़ की गर्लफ्रेंड साबित हुईं. जवाब में थरूर ने कहा कि प्रेम की कोई कीमत नहीं होती. कुल मिलाकर मामला प्रेम का था.  लेकिन अब तो मामला सिर्फ प्यार का नहीं...सरहद पार एक पाकिस्तानी पत्रकार के साथ अफेयर का था. एक तो अफेयर,  दूसरा पाकिस्तान और तीसरा मुख्य भूमिका में थी पाकिस्तानी पत्रकार. लोग क्यों नहीं जानना चाहते...खैर,

लेकिन किसी ने सोचा नहीं था कि सुनंदा ऐसा कदम उठा लेंगी. ऑफिस से निकलते समय यह सोचा भी नहीं था घर जाकर ऐसी खबर देखने को मिलेगी. गहरा धक्का लगा यह सुनकर कि सुनंदा पुष्कर की मौत हो गई है. एक पल के लिए ऐसा लगा कि काश ये खबर झूठी होती... सुनंदा के साथ अगर कुछ गलत हो रहा था उन्हें लड़ना चाहिए था... अपने हालात से..खुद से..समाज से..मीडिाय से.. या जरूरत पड़ी तो अपने पति शशि थरूर और मेहर तरार से भी..लेकिन ये सब सोचने का क्या फायदा यहां तो कुछ और ही हो चुका था. 

पहला सवाल खुद से यही पूछा...क्या सभी परेशानियों, डिप्रेशन, बेवफाई और धोखे से बचने का रास्ता मौत ही है? ऐसी क्या स्थितियां होती हैं कि उसके आगे इंसान को अपनी जिंदगी बदसूरत लगने लगती है? परेशानियां बड़ी और जिंदगी छोटी महसूस होने लगती है? सारे रास्ते बंद दिखाई देते हैं.  कुछ समझ नहीं आ रहा था कि ऐसा क्यों किया होगा...आ तो अब तक भी नहीं रहा..

सुनंदा के ट्वीटर को खंगाला तो यही सामने आाया कि वह बहुत डिप्रेस्ड चल रही थीं... लोग उनसे ज्यादा उस पत्रकार मेहर तरार को महत्ता दे रहे थे जो इस लव  ट्राएंगल में मुख्य भूमिका में थीं. सुनंदा को लग रहा था कि मीडिया हाइप मचा रहा है. यह उनकी पर्सनल लाइफ है. वैसे तो यह उन लोगों की व्यक्तिगत जीवन का ही मामला था लेकिन शायद यह बात उन्हें पहले ही सोचनी चाहिए थी कि कुछ बातें व्यक्तिगत भी होती हैं. लेकिन थरूर दंपति ने कभी कुछ व्यक्तिगत रखा ही नहीं..सब कुछ सार्वजनिक ही हुआ तो अब क्यों नहीं?

कहते हैं कि हर बात के दो पहलू होते हैं. एक सकारात्मक और एक नकारात्मक. और यह सबके साथ ही लागू होता है. सिर्फ अफेयर ही नहीं शशि थरूर को उनके विचारों के लिए भी जाना जाता है. उन्होंने कई किताबें भी लिखी हैं. वे सोशल मीडिया पर भी काफी लोकप्रिय हैं. जिस ट्वीटर की वजह से शशि थरूर को लोकप्रियता मिली उसी की वजह से उनकी जिंदगी से कोई खास हमेशा के लिए उनका साथ छोड़कर चला गया. लेकिन इतना जरूर है कि यह एक ऐसा उदाहरण है जिससे सोशल मीडिया पर छाए रहने वाले लोग 'सीख' ले सकते हैं. जरूरी है कुछ बातें जो पर्सनल है उन्हें पर्सनल ही रखा जाए.

मौत का रास्ता ही क्यों चुना?
जांच में यह बात सामने आ गई है कि यह मौत नेचुरल नहीं था. दवाओं के ओवरडोज से यह मौत हुई. यह पहली बार नहीं है जब इस तरह सूर्खियों में रहने वाली किसी महिला ने मौत का रास्ता चुना है. अगर आपको याद हो तो इससे पहल चांद मोहम्मद और अनुराधा बाली के प्यार की खबरें भी मीडिया में खूब छाई  रहीं. लेकिन बाद में मौत के साथ ही यह इस प्यार 2012 में  हो गया. बॉलीवुड अभिनेत्री जिया खान ने भी लव ट्राएंगल के चक्कर में अपनी जान गवां दी. उन्हें यह शक था कि उनका ब्वायफ्रेंड सूरज पंचोली का किसी और से अफेयर चल रहा है जिसकी वजह से वह उनको समय नहीं देता था.

इस सभी के मौत की एक ही वजह रही- प्यार. जहां लोग कहते हैं कि जिंदगी में प्यार नहीं तो कुछ भी नहीं वहीं पर किसी की बेवफाई की वजह से इतनी खूबसूरत जिंदगी को कोई कैसे गवां सकता है? मरने के अलावा और भी तो कई रास्ते हो सकते हैं..अगर आपको किसी से शिकवा शिकायत है तो आप अपने लिए लड़ सकते हैं. स्थानीय कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट जा सकते हैं. महिलाओं के लिए इतने कानून है उनका सहारा ले सकते हैं फिर मौत ही क्यों?

यह सवाल मैं खुद से कर रही हूं ... लेकिन कोई जवाब नहीं सूझ रहा...

बस एक यही अपील है सभी महिलाओं से कि अपनी जिंदगी को किसी और को हैंडल मत करने दो. खुद के लिए जियो...खुद से इतना  प्यार करों कि किसी और का प्यार उस पर हावी ना हो... अपनी जिंदगी किसी और के प्यार के सामने तुच्छ ना लगें...

अपने लिए लड़ो...समझदार बनों!